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एएनएम सुशीला कुमारी एक फरिस्ता .....



मयूरहंड : जाको राखे साईया मार सके न कोई। कहावत सच होते दिखने को मिला हैं। कदगांवा गांव निवासी हरी भुंइया के लिए नरचाही स्वस्थ्य उपकेन्द्र में नियुक्त एएनएम सुशीला कुमारी एक फरिस्ता बन कर समाने आयी। एएनएम ने हरी भुंइया को जीवन दान दिलाने का बड़ा काम किया है। जानकारी के अनुसार एक सप्ताह पूर्व हरी भुंइया अपने घर में  अचानक बेहोस हो गया था। जिसकी जानकारी पीड़ित परिवार ने एएनएम सुशीला कुमारी को दिया। सुशीला कुमारी ने जांच करने के दौरान मरीज की स्थिति गभीर पायी। एएनएम ने बिना समय गवाए हरी भुंइया को इलाज़ के लिए इटखोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। जहां चिकित्सको ने मामला को गंभीर देखते हुए रांची रिम्स रेफर कर दिया। रिम्स के चिकित्सक ने मरीज को बेहोश की हालत में देखकर तुरन्त जांच किया। जांच में मरीज के माथे में खून जमा हुआ मिला। जिसके बाद चिकित्सक ने मरीज का इलाज़ करना प्रारंभ किया। इलाज के बाद ही कुछ देर में मरीज को होश आ गया। चिकित्सकों ने बताया की मरीज के माथे में जमे खून को निकाल दिया गया है। मरीज सही समय से अस्पातल पहूंच गया था। विलंभ से मरीज के पहूंचने से मरीज को नहीं बचाया जा सकता था। मरीज की स्थिति देखकर चिकित्सको ने मरीज को वापस घर भेज दिया गया। जहां रविवार को ड्रेसिंग करने के दौरान एएनएम ने जानकारी दी। एएनएम ने बताया की घाव पूरी तरफ से सुख गया है। वही मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ्य है। मरीज हरी भुंइया ने एएनएम व  पंचायत के मुखिया बबिता कुमारी को आभार प्रकट किया।

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