Breaking News

div id='beakingnews'>Breaking News:
Loading...

नन्हे नवनीत को है किसी फ़रिश्ते का इन्तजार

नन्हे नवनीत को है किसी फ़रिश्ते का इन्तजार


लाचार दादी के साथ गरीबी झेल रहा नन्हा नवनीत

आकाश सिंह

मयूरहंड : माता पिता का साया सर से उठने के बाद चार वर्षीय नवनीत ज़िंदा तो है। लेकिन जिंदगी की लड़ाई में अकेला रह गया है। माता पिता का साथ छुटने के बाद बीमार दादी के पल्लू को पकड़ गरीबी का मार झेल रहा है। नन्हा नवनीत अपने घर के दरवाजे पर बैठ किसी फ़रिश्ते के आने को लेकर राह ताकता रहता है। थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव निवासी स्व योगेन्द्र सिंह का चार वर्षीय पुत्र नवनीत अपने मृतक माता पिता के तस्वीर को देखकर रह रहकर बिलकता रहता है। परन्तु किसी को उस नन्हे बच्चे पर दया नहीं आती है। नन्हे नवनीत के पिता कुछ वर्ष पहले किसी घटना का शिकार हो गए थे। तब उसकी उम्र मात्र 1 वर्ष की रही होगी। नवनीत के पिता के मरने के बाद नवनीत की माता के ऊपर एक नौ वर्ष की बेटी,नन्हा नवनीत व बूढी सास की जिम्मेवारी एक बोझ बन गयी। बोझ ऐसा की खाने के एक दाने भी नसीब नहीं हो पाते। किसी प्रकार नवनीत की मां ने दोनों बच्चों को पालना प्रारंभ किया। गरीबी इतनी की देखी नहीं जा पाए। ग्रामीणों ने महिला की माली हालत देखकर उसकी पुत्री को झारखंड आवासीय बालिका विद्यालय में प्रवेश दिलाया। इसी बीच नवनीत की मां भी मधुमेय से पीड़ित हो गयी। गरीबी के कारण खाना तो दूर इलाज़ कहां से करा पाती। यह सोच मधुमेय का बिना इलाज़ कराए अपनी जिंदगी जीने लगी। लेकिन समय भी साथ नहीं दिया। इलाज़ नहीं कराने कारण भूख की पीड़ा मां बेटे पर भारी पड़ने लगी थी। मां अपनी भूख का दर्द तो किसी प्रकार सह लेती मगर नन्हे बेटा व बूढी सास के भूख का दर्द नहीं बर्दास्त कर पायी। बिमारी व भूख ने नवनीत से उसके मां का आचंल भी छिन लिया। नन्हे नवनीत ने अपनी मां का अंतिम संस्कार तक कर दिया। परंतु नन्हे नवनीत को क्या पता की अब मां उसके पास कभी नहीं आएगी। अब नवनीत अपनी बूढ़ी दादी के गोद में बैठ कर अपने दरवाजे के आस पास आने जाने वाले राहगीरों को देखते रहता हैं। सोचता रहता है कब कोई मेरे घर भी आएगा और मुझे भरपेट खाना देगा। जानकारी के अनुसार नन्हे नवनीत की दादी भी बीमार रहती है। न जाने कब वो भी नवनीत का साथ छोड़ कर चली जाए। ऐसे में नवनीत का भविष्य अंधेरे में नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने नन्हे नवनीत की मदद को लेकर उपायुक्त जितेंद् कुमार सिंह से गुहार लगायी है।

कोई टिप्पणी नहीं