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श्रमदान से ग्रामीणों ने बनाई सड़क -------आकाश सिंह मयूरहंड की रिपोर्ट



श्रमदान का ग्रामीणों ने बना डाली 800 फिट सड़क

मयूरहंड : मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है। मेहनत करने वालों की कभी हार नही होती है। इस वाक्य को सही साबित कर दिखाया है ढोढ़ी गांव के ग्रामीणों ने। ग्रामीणों ने वर्षो से जर्जर पड़ी सड़क को श्रमदान कर चलने योग बना कर एक मिशाल कायम किया है। जानकारी के अनुसार ढोढ़ी गांव से शिव मंदिर तक जाने वाली सड़क जर्जर होने के साथ चलने योग भी नहीं बची थी। जिसके कारण ग्रामीण सड़क पार करना एक युद्ध जीतने जैसा महसूस करते थे। बारिश हो जाने के बाद से सड़क कीचड़ में तब्दील हो गया था। सड़क पर उत्पन गड्ढे यात्रियों को दुर्घटना के लिए आमंत्रित करते थे। सड़क पर फैला कीचड़ ग्रामीणों को चलने में बाधा पहूंचा रहा था। जिसे देख ग्रामीणों ने गांव में बैठक कर सड़क की मरम्मति करने का विचार किया। ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मति के लिए आपस में चंदा इक्ठ्ठा किया। जिसमे ढोढ़ी गांव के  ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने 800 फिट जर्जर सड़क को दुरुस्त करने में लग गए। ग्रामीणों माथे पर मिटटी व मोरम उठाकर सड़क पर उत्पन गड्डो को भरने का कार्य किया। ग्रामीणों की कड़ी मेहनत के बाद सड़क चलने योग बन पाया। ग्रामीण तुलसी विश्कर्मा ने बताया की सड़क की मरम्मति को लेकर कई बार पंचायत के जनप्रतिनिधि से गुहार लगायी थी। परन्तु जर्जर सड़क को जनप्रतिनिधियों के द्वारा दुरुस्त नहीं किया जा सका। सड़क का निर्माण वर्ष 2013 में किया गया था। जिसके बाद से अभी तक सड़क की मरम्मति नहीं की गयी। सड़क ढोढ़ी,हदहदवा,बेला,चौथा सहित अन्य गांवो को जोड़ने का कार्य करता है। इसके बावजूद गांव की सरकार के द्वारा सड़क को दुरुस्त नहीं किया जा सका। वही ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क को दुरुस्त करने का कार्य किया है। जो पुरे पंचायत में चर्चा का विषय बना हुआ है। श्रमदान करने वालो में ग्रामीण तुलसी विश्कर्मा,रामजीत भुंइया,सुभाष दांगी,मनोज दांगी,बाबूलाल दांगी,विकास कुमार,तपेश्वर दांगी,सीताराम ठाकुर,पप्पू दांगी,रोहित विश्कर्मा,लक्षमण विश्वकर्मा,शिव कुमार सिंह सहित अन्य शामिल है।

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