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कवित्री यों ने ग़ज़ल की गंगा प्रवाहित किया--घंटो गजल की गंगा में श्रोताओं ने गोता लगाया


तेरा मिलना भी जुदाई की घड़ी हो जैसे--मृणालिनी

ऑनलाइन अखिल भारतीय गजलकारा  सम्मेलन सम्पन्न 

    "ऐसे चुप हैं ये मंजिल भी करीब हो जैसे,
     तेरा मिलना भी जुदाई की घड़ी हो जैसे"।
 उपरोक्त गजल की चंद पंक्तियाँ सुप्रसिद्ध गजल गायिका  सुश्री मृणालिनी अखौरी ने कला व संस्कृति की संवाहक संस्था "साहित्य कुंज" द्वारा आयोजित ऑनलाइन अखिल भारतीय गजलकारा  सम्मेलन का उद्घाटन करते हुये पढ़ी।
     साहित्य कुंज के प्रधान महासचिव व वरीय रचनाकार अरविन्द अकेला के संयोजन, मयूरहण्ड , झारखंड के वरीय कवि श्री राम राय की अध्यक्षता एवं युवा गजलकारा मधु वैष्णव "मान्या"के कुशल  संचालन  में आयोजित गजलकारा सम्मेलन में हीरापुर छतिसगढ़ से पधारी गजलकारा ने सम्मेलन में रंग भरते हुए  पढ़ी--"खुद के साथ वक्त बिताते तो अच्छा होता,
खुद को खुद से मिलाते तो अच्छा होता "।
   औरंगाबाद की गजलकारा सुष्मा सिंह ने भी अपनी छाप छोड़ते हुये कहा-"कल को जब भी जाऊंगी मैं छोड़कर ये जमाना,मेरी आशिकी का बनेगा नया फसाना"। मुम्बई से पधारी अलका पांडेय की गजल " ये लफ्फ्ज शर्माते हैं,इजहार मोहब्बत कैसे करुँ "भी लोगों द्वारा पसंद की गई 
     पटना से पधारी गजलकारा अश्मजा प्रियदर्शिनी की गजल-जिन्दगी की हसीन लम्हों में यूँ स्याह सी है छायी,न कोई रहनुमा अपना न कोई रहनुमाई" एवं वीणा चौधरी की गजल-" मोहब्बतों के बादल दिल पर छाने लगे हैं,तन्हाई में भी हम मुस्कुराने लगे हैं लोगों द्वारा काफी सराही गयी।
       शाम जैसे जैसे गहरा रही थी श्रोता वैसे वैसे गजल की दुनियाँ में खोये जा रहे थे ऐसे समय में लुधियाना(पंजाब )से पधारी  गजलकारा अमरजीत कौर  ने अपनी गजल की इन पंक्तियों "जब भी कभी रुठ जाऊं मैं,यूहीं प्यार से मुझको मना लीजियेगा" ने सबका मन मोह लिया।
     एक तरफ रायगढ़ (छतीसगढ) से पधारी सुकेशी प्रधान की गजल "ख्वाब दिल में सजाने लगे हैं,अश्क आंखों से बहाने लगे हैं" एवं सविता मिश्रा(वाराणसी) की  गजल "वेवजह घर से निकलने की जरुरत क्या है, असमय मौत से उलझने की जरुरत क्या है " ने सबका मन मोह लिया।
     एक ओर जहां औरंगाबाद की गजलकारा करिश्मा सिंह एवं आरती सिंह चौहान को बड़े चाव से सुना गया वहीं दिल्ली से पधारी नेहा त्रिपाठी की गजल की इन पंक्तियों " ख्वाब सब आसुओं में पलते हैं,दिल में दिल के चिराग जलते हैं" ने लोगों का दिल जीत लिया। इसके अतिरिक्त इस सम्मेलन में डॉ नेहा इलाहाबादी,मुन्नी पंकज, नन्दिता रवि चौहान,पूनम गुप्ता, मीना जैन,रीतु प्रज्ञा,केवरा यदु "मीरा ",अंजली तिवारी मिश्रा,इन्द्राणी साहू"साँची",डॉ.प्रतिभा कुमारी पराशर , ज्योति पाठक सहित दर्जनों गजलकारा ने अपनी अपनी गजल पढ़ी।
    कार्यक्रम समाप्ति के पूर्व सम्मेलन के अध्यक्ष श्रीराम राय एवं संस्था के प्रधान महासचिव अरविन्द अकेला ने  सभी गजलकारा कौ ससम्मान सम्मान पत्र प्रदान किया।
      अंत में संस्था के वरीय सदस्य नागेन्द्र दूबे केशरी ने कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन किया।
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