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गांवो में बिखरे पड़े है पुरातत्व अवशेष...आकाश सिंह की रिपोर्ट


आकाश सिंह,मयूरहंड : इटखोरी की तरह मयूरहंड प्रखंड के कई गांवो में सदियों से मंदिरो व प्रतिमाओ के अवशेष बिखरे पड़े है। जिस पर अभी तक पुरातत्व विभाग की नजर नहीं पड़ी है। पुरातत्व अवशेष आम पत्थर की तरह पड़े है। पुरावशेषो में कई  प्राचीन मुर्तिया के तो कई मन्दिरों के टुकड़े है। बताते चले की सोकी में गवतिया बारा स्थान पर कई मंदिरों के अवशेष आज भी यत्र तत्र अवस्था में पड़े है। कई पुरातत्व अवशेष को बच्चे अपने खेलने में प्रयोग ला रहे है। वही ग्रामीण कुछ अवशेष को जमा कर उसकी पूजा अर्चना करते आ रहे है। इसी प्रकार गुरुवाडीह गांव,परसावा गांव,परोरिया कैलाशधाम मंदिर के ईद गिर्द दर्जनों अवशेष बिखरे पड़े देखे जा सकते है। जो अवशेष नौवीं दशवीं सदी का प्रतीत होता है। ग्रामीणों ने कुछ मूर्तियो को सहेज कर मंदिरों में स्थापित भी किया है। जानकार बताते है की सभी मुर्तिया प्राचीन काल की है। जो खेतों में हल चलाते व घर बनाने को लेकर बुनियाद काटते समय निकले है। यदि पुरातत्व विभाग इन स्थानों की खुदाई करे तो निश्चित ही इन स्थानों पर बड़े मंदिर व कई कीमती पत्थर की मूर्तियां निकेलगी। जिससे ये क्षेत्र भी मां भद्रकाली मंदिर की तरह विख्यात हो सकता है। इन स्थानों पर भी रोजगार के साधन उत्पन हो सकते है। जिससे कई घरों के चूल्हे जल पायेगे। ग्रामीणों ने पुरातत्व विभाग से इन स्थानों की खुदाई की मांग की है।

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