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शहीद शक्ति सिंह अमर रहे के नारों से गूँजा आकाश

हमेशा जीवित रहेगी बलिदानी शक्ति सिंह की यादें

रिपोर्ट आकाश सिंह 

शक्ति सिंह के चौथे बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ी भीड़,प्रतिमा पर किया गया माल्यापर्ण
रिपोर्ट आकाश सिंह 

मयूरहंड : शहीद शक्ति सिंह की शहादत को कभी भुला नहीं जा सकता है। शहीद की शहादत हमें देश से प्रेम करना सीखता है। वीर शक्ति आज भी हमारे रगो में दौड़ता है। धन्य है शहीद के परिवार वाले जिन्होंने अपने वीर सपूत को देश के खातिर बलिदान कर दिया। ऐसे परिजनों को नमन करता हूँ। उक्त बाते शहीद शक्ति सिंह के चौथे शहादत दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख विक्रम कुमार सिंह ने कहा। उन्होंने कहा मैं अपने आप को गर्वान्वित महसूस करता हूँ की मैं शहादत कार्यक्रम का हिस्सा  बना। मुझे गर्व है की मैं वीर शक्ति सिंह के प्रखंड से आता हूँ। यदि आज पूरा देश सुरक्षित है तो उसमे शहीद शक्ति सिंह जैसे हजारों वीरों के बलिदानी के कारण। उन्होंने आयोजन कमिटी को धन्यवाद देते हुए प्रत्येक वर्ष शहादत कार्यक्रम आयोजन करने की बात कही। मौके पर उपस्थित पंदनी पंचायत के समाज सेवी संजय सिंह ने कहा शहीद शक्ति सिंह आज भी जीवित हैं। हम महसूस कर सकते है बस देख नहीं सकते। वीर की यादें कभी मिटती नहीं है। युगों युगों तक गूँजती रहती है। मैं तो आज भी अचंभित हूँ। शहीद के पिता के हिम्मत को देखकर। आज भी शहीद के पिता में वही जोश और जज्बा है जो बेटे के सेना में शामिल होने के समय था। मैं नमन करता हूँ शहीद के पिता को। हर पिता को इनके धर्य और हिम्मत को देखकर सीखने की आवश्कयता हैं। कार्यक्रम की शुरुआत प्रमुख विक्रम सिंह ने शहीद के तस्वीर पर दीप प्रज्जवलित कर किया। ततपश्चायत शहीद के पिता अधिवक्ता संत कुमार सिंह,थाना प्रभारी रूपेश महतो,एएसआई मुन्ना प्रसाद,समाज सेवी संजय सिंह,मुखिया ईश्वर पासवान,भाजपा नेता मनोज सिंह,राजू राम,शिक्षक बिनय सिंह,अजित सिंह,प्रताप सिंह सहित अन्य ने तस्वीर पर पुष्प अर्पित करने के साथ शहीद शक्ति सिंह के आदमकद प्रतिमा पर मालार्पण कर श्रद्धांजलि दी। आयोजन कमिटी ने लॉगडाउन को देखते हुए शारीरिक दुरी का पालन करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में अतिथियों के बैठने की व्यवस्था को भी ध्यान में रखा गया था। कार्यक्रम को सफल बनाने में पत्रकार आकाश सिंह,हिमांशु सिंह,नरेश राणा,पिंटू राणा,रणंजय कुमार,मुन्ना कुमार के अलावा श्री राम सेना के सदस्य सचिन सिंह,पियूष सिंह,सन्नी सिन्हा,राजीव सिंह,अविनाश सिंह,उपकार पाण्डेय,अंकित सिंह,उज्जवल सिन्हा,सानु सिन्हा सहित अन्य मुख्य भूमिका निभाए।

......फिर से फफक पड़े शहीद शक्ति सिंह के पिता


आकाश सिंह,मयूरहंड : शहीद की आदमकद प्रतिमा में माला डालते ही शहीद के पिता संत सिंह का कलेजा फिर से फट गया। बेटे के प्रतिमा को स्पर्श करते ही अपने आप को रोक नहीं पाए और लिप्त गए बेटे के प्रतिमा में। बेटे को गले लगाते ही उनके आंखो से दबे नीर की धार बहने लगी। दोनों एक दूसरे में खो गए। ऐसा लग रहा था जैसे अपने बेटे को गले लगाकर पूछ रहे हो की तुम कैसे हो। कहां चले गए। न कोई तेरी खबर मिलती है और न ही तेरी कोई चट्टी। घर में सभी तुम्हे बहुत याद करते है। माँ तो बस तेरे ही आने को लेकर पलके बिछाए बैठी है। कुछ ऐसी ही बाते बाप बेटा में होती होगी। शहीद के पिता को संभालते प्रमुख ने फिर से ढाढ़स दिलाया। मौके पर उपस्थित सभी लोगो की आंखे फिर से डबडबा गयी। जिस पिता ने पुत्र के शहीद होने कर फौलाद जैसा सीना रखा था। उसी पिता का दिल प्रतिमा को देख कर फफक पड़ा। पुत्र के प्रतिमा के सामने हाथ जोड़े खड़ा पिता को देख मानो ऐसा लग रहा था जैसे पिता कह रहे हो बहुत दिन हो गया अब लौट आओ। तेरे बिना दिन नहीं कटता है। साथ बैठकर बहुत सारी बातें करणी है। कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ पिता व पुत्र को देखते रही। मानो सभी इसी क्षण का इन्तजार कर रहे हो। पिता के आंखो से निकलने वाले आंसू ने सभी को झकझोर कर रख दिया। शहीद के पिता ने कहा मुझे गर्व है मेरा बेटा देश के काम आया है। मुझे अपने खून पर नाज है। आज जिस पर पडोसी देश भारत को आंखे दिखा रहा है। उन सभी पडोसी देशों के सारे सपनों को मेरे बेटे जैसे अनेको पिता के बेटे चकनाचूर कर देंगे। मैं उन सभी सैनिकों के पिता को बताना चाहता हूँ की देश की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं होती। जय हिन्द।  

 

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