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तुलसी विवाह अनुष्ठान करने से होती है वैभव की प्राप्ति_Mayurhand

तुलसी विवाह अनुष्ठान करने से होती है वैभव की प्राप्ति

आकाश सिंह

मयूरहंड : तुलसी विवाह अनुष्ठान से पूरे परिवार के साथ करने वाले को वैभव की होती है। घर मे सुख समृद्धि के साथ साथ पापों से निजात मिलती है। हिन्दू धर्म मे तुलसी विवाह का अलग ही महत्व है। उक्त बातें पचमो निवासी आचार्य नरेश पांडेय ने कही। उन्होंने बताया की कार्तिक माह के एकादशी (बुधवार)के दिन तुलसी विवाह अनुष्ठान करने से घरों में खुशहाली आती है। घरों में बसे प्रेत आत्मा से निजात मिलता है। अनुष्ठान के करने से मन व आत्मा दोनों पवित्र होते है। शास्त्रों में लिखा है कि हिन्दू धर्म के सभी परिवार को अनुष्ठान करना शुभ माना गया है। तुलिस विवाह के बाद ही हिन्दू धर्मो में शुभ कार्य प्रारंभ होते है। जिसमे विवाह,गृह प्रवेश,नए मकान का मुहर्त सहित अन्य शुभ कार्य शामिल है। वही उन्होंने बताया कि चार माह भगवान सैन्य में रहते है। तुलसी विवाह के बाद ही भगवान का सैन्य टूटता है। तब से ही पूरे वर्ष शुभ व मंगल कार्य होना शरू हो जाता है। तुलसी विवाह के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। घर के दरवाजे पर गाय माता के पैर के निशान बनाए जाते है। जिसके बाद दरवाजे पर सात प्रकार के अनाज से बाहरी दरवाजे को सजाया जाता है। मान्यता है कि दरवाजे से ही भगवान विष्णु का प्रवेश घरों में होता है। ग्रंथो में लिखा है कि भगवान विष्णु का वाश गौ माता में होता है। घरों में ईख के प्रयोग से मड़वा बनाया जाता है जिसमे तुलसी विवाह कार्यक्रम सम्पन होता है। 

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