Breaking News

div id='beakingnews'>Breaking News:
Loading...

कभी भी ध्वस्त हो सकता है मयूरहंड से इटखोरी को जोड़ने वाला पुल_Mayurhand

कभी भी ध्वस्त हो सकता है मयूरहंड से इटखोरी जाने वाला एकलौता पुल

कोनिवा नदी पर बना पुल का पिलर हुआ ध्वस्त

आकाश सिंह

मयूरहंड : मयूरहंड को इटखोरी को जोड़ने वाला एकलौता पुल कभी भी ध्वस्त हो सकता है। कोनिवा नदी पर बना पुल इनदिनों दुघटना को आमंत्रण दे रहा है। पुल का एक पिलर पूरी तरह से टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसके कारण पुल कमजोर हो गया है। बताते चले कि दोनों प्रखंड को जोड़ने को लेकर कोनिवा पुल वर्षो से सेतु का काम कर रहा है। लेकिन पुल के पिलर के क्षतिग्रस्त होने से कभी भी बड़ा हादसा घटने से इनकार नही किया जा सकता है। आज भी उस पुल से कई बड़े वाहनों का आवागमन होता रहता है। बड़े वाहनों के आवागमन से पुल की स्थिति और बदतर हो गयी है। राजगीरों को पुल पार करने को लेकर कई बार भगवान को याद करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष सड़क की मरम्मती करायी गयी थी। उस समय पुल की मरम्मत को लेकर संवेदक के द्वारा केवल खानापूर्ति किया गया था। संवेदक के द्वारा पुल पर उत्पन गड्डो को भरने का कार्य किया गया था। लेकिन पुल के पिलर की मरम्मत नही की गयी थी। उसी प्रकार फिर से सड़क की मरम्मती का कार्य किया जा रहा है। सड़क के गड्डो को भरने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। परन्तु पुल को दुरुस्त कराने को लेकर अभी तक किसी भी प्रकार की निविदा नही निकाली गयी है। जिससे पुल अपने अंतिम समय के दिनों को गिन रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पुल देखने से ही डर लगता है। पुल का पिलर टूट गया है। ऐसे में पुल कभी भी टूट कर नदी में समा सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं