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मयूरहंड के कई पंचायतों में बदल जायेगा आरक्षण का स्वरूप तीन पंचायतों के मुखिया चुनाव लड़ने से हो जाएंगे वंचित आकाश सिंह संवाद सहयोगी, मयूरहंड : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पंचायतों के आरक्षण का स्वरूप प्रखंड स्तर से तैयार कर लिया गया है। जिसे स्वीकृति के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अगर कोई बदलाव नहीं किया तो इस बार प्रखंड के दस में से छह पंचायतों में आरक्षण का स्वरूप बदल जाएगा। वही तीन पंचायत के निवर्तमान मुखिया चुनाव लड़ने से वंचित हो जाएंगे। प्रखंड में जिन पंचायतों में आरक्षण का स्वरूप बदल जाएगा उसमें प्रखंड का मयूरहंड, फुलांग, पंदनी, सोकी, करमा,कदगावा कला,पंचायत शामिल है। आरक्षण का स्वरूप बदल जाने की वजह से जहां के निवर्तमान मुखिया चुनाव लड़ने से वंचित होंगे उन पंचायतों में फुलांग, पंदनी व सोकी पंचायत शामिल है। प्रखंड स्तर से पंचायतों के आरक्षण का जो स्वरूप तैयार करके राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा गया है उसके अनुसार फुलांग पंचायत को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। यह पंचायत पिछले चुनाव में अनारक्षित रखा गया था। इसी तरह प्रखंड के पंदनी पंचायत को अनुसूचित जाति अन्य के लिए आरक्षित किया गया है। यह पंचायत पिछले चुनाव में अनारक्षित महिला था। जबकि सोकी पंचायत को अन्य पिछड़ा जाति महिला के लिए आरक्षित रखा गया है। पिछलें चुनाव में यह पंचायत पिछड़ा जाति में अन्य के लिए आरक्षित था। प्रखंड का मयूरहंड पंचायत के भी आरक्षण का स्वरूप इस बार बदल जाएगा। मयूरहंड पंचायत को अनारक्षित महिला किया गया है। पिछले चुनाव में यह पंचायत अनुसूचित जाति अन्य के लिए आरक्षित था। कदगावा कला पंचायत इस बार अनारक्षित अन्य रखा गया है। जो पिछले चुनाव में अनुसूचित जाति महिला आरक्षित था। वही मंझगावा,पेटादेरी,बेलखोरी,हुसिया पहले की तरह ही रखा गया है। इन पंचायतो में बदलाव नही किया गया है। वही करमा पंचायत में भी आरक्षण का स्वरूप बदला गया है। यह पंचायत पिछड़ा जाति अन्य के लिए आरक्षित है। पंचायतों के आरक्षण के इस स्वरूप पर फिलहाल राज्य निर्वाचन आयोग की मुहर अभी तक नहीं लगी है। लेकिन माना जा रहा है कि पंचायतों के आरक्षण का स्वरूप प्रखंड स्तर से राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार ही रहेगा।

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